कोरबा। जिले के ग्राम पंचायत भुलसीडीह अंतर्गत उरांव बस्ती में पुराना आंगनबाड़ी भवन अब ग्रामीणों के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गया है। भवन की जर्जर स्थिति को देखते हुए इसे कुछ समय पहले आधा तोड़ दिया गया, लेकिन शेष हिस्से को उसी हालत में छोड़ दिया गया। यही अधूरा और खस्ताहाल भवन अब बच्चों की जान पर खतरा बन गया है। स्थानीय बच्चे प्रतिदिन इसकी छत पर चढ़कर खेलते-कूदते हैं, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि भवन जर्जर और छत भी कमजोर हो चुकी है। आधा ढांचा टूट जाने के कारण शेष भवन और भी असुरक्षित हो गया है। इसके बावजूद बच्चों का वहां आना-जाना लगातार जारी है। अभिभावकों के बार-बार समझाने के बाद भी बच्चे खेल-खेल में जर्जर भवन की छत पर पहुंच जाते हैं। ऐसे में यदि भवन का कोई हिस्सा भरभराकर गिर गया तो गंभीर जनहानि हो सकती है। स्थिति को और गंभीर इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि पुराने भवन के पास ही नया आंगनबाड़ी भवन बनकर तैयार हो चुका है और वहां गतिविधियां संचालित की जा सकती हैं। इसके बावजूद पुराने जर्जर भवन को पूरी तरह नहीं हटाए जाने से खतरा लगातार बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जब नए भवन का निर्माण पूरा हो चुका है तो पुराने भवन को अधूरा छोड़ने का कोई औचित्य नहीं है।मोहल्लेवासियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय तत्काल कार्रवाई करते हुए जर्जर भवन को पूरी तरह ध्वस्त किया जाए। साथ ही परिसर की घेराबंदी कर बच्चों के प्रवेश पर रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में कोई अप्रिय घटना न हो। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया गया है, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई और कोई हादसा हो गया तो इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी।
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