कोरबा। प्रदेश में संविदा विद्युत कर्मियों द्वारा किए जा रहे अनिश्चितकालीन आंदोलन का अब आपूर्ति व्यवस्था स्तर पर असर दिखाने लगा है। तेज बारिश व वज्रपात के बीच जिले में 33 व 11 केवी लाइनें घंटों तक बंद रही। सुधार कार्य में देरी के कारण गुरसिया, लेपरा, पोड़ी, बिंझपुर, सर्वमंगला, पॉलिटेक्निक, बल्गी, इंदिरा नगर, सेमीपाली, इमली छापर, टाउन 1 बांकी मोगरा, टाउन 2, टाउन 3, रुरल, चोटिया, पाली, कोरबी, कटघोरा टाउन 1, कटघोरा टाउन 2, रलिया, उतरदा, विजय नगर, ढुरेना, झाबर, कनकी, भिलाईबाजार, डोंगरा, तरदा, बिरदा, हरदी ग्रामीण, गेवरा, बुढ़ियापाली व अन्य फीडर से जुड़े हजारों उपभोक्ताओं को बिजली संकट का सामना करना पड़ा। जिले के कई इलाकों में रात भर बिजली बंद रही। आंदोलन के कारण लाइनमैन व तकनीकी स्टाफ की कमी है। कोरबा जिले में बारिश के बाद 33और 11केवी लाइनों के फॉल्ट को सुधारने में कई घंटे लग गए। सीमित नियमित कर्मचारियों पर विद्युत व्यवस्था बहाल करने का भारी दबाव है। कर्मचारी दिन रात कार्य कर रहे हैं, किंतु मानव संसाधन की कमी से त्वरित सुधार संभव नहीं हो पा रहा। व्यवस्था बनाए रखने के लिए आउटसोर्स कर्मचारियों की मदद ली जा रही है, परंतु अनुभव व प्रशिक्षण की कमी के कारण कार्यस्थल पर दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। बारिश के मौसम में लाइन फॉल्ट की घटनाएं बढ़ गई हैं। पर्याप्त स्टाफ न होने से ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में घंटों बिजली गुल रह रही है, जिससे आमजन, अस्पताल और आवश्यक सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। संघ ने शासन से मांग की है कि उनकी एक सूत्रीय नियमितीकरण की मांग पर तत्काल सकारात्मक निर्णय लिया जाए ताकि प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाया जा सके व संभावित बड़ी दुर्घटनाओं को टाला जा सके। संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।
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