कोरबा। लोक शिक्षण संचालनालय संचालक ने शिक्षा सत्र 2025-25 के समाप्ति के साथ ही स्कूलों में पदस्थ गैर शिक्षकीय कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त करने के आदेश 12 जून को जारी किए थे। इस आदेश के बाद भी कोरबा सहित अन्य जिलों में संलग्न गैर शिक्षकीय कर्मचारी अपने मूल संस्था में नहीं लौट पाए हैं। ऐसे कर्मचारियों के खिलाफ लोक शिक्षण संचालनालय ने सीधा एक्शन लिया है। इसके तहत संलग्न गैर शिक्षकीय कर्मचारियों का संलग्नीकरण समाप्त कर दिया। साथ ही इस आदेश के बाद भी अगर कोई कर्मचारी अपने मूल संस्था में नहीं लौटता है, उसे जुलाई का वेतन नहीं मिलेगा। जिले में ऐसे 65 गैर शिक्षकीय कर्मचारी हैं। इसमें कोई किसी स्कूल में भृत्य है तो कोई किसी स्कूल में बाबू है, लेकिन ये सेवाएं किसी न किसी अन्य सरकारी विभाग के कार्यालयों में दे रहे हैं या फिर किसी अधिकारी के यहां काम कर रहे हैं। यहां सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इसके बाद भी स्कूलों में मानदेय दर पर भृत्य की नियुक्ति पिछले साल से होती आ रही है। संचालक के एक तरफा आदेश के बाद अब इन गैर शिक्षकीय कमर्चारियों के सिर पर तलवार लटक गई है, क्योंकि अगर वे अपनी मूल शाला में ज्वाइनिंग नहीं देते हैं तो उन्हें इस माह के वेतन से वंचित होना पड़ जाएगा और उन पर अनुशासनात्मक कार्रवाई अलग होगी।
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