कोरबा। करोड़ों की लागत से बने दीपका-कटघोरा मुख्य मार्ग में सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यात्रियों और वाहन चालकों को सुरक्षित व सही दिशा की जानकारी देने के लिए लगाए गए सोंग्गी नाला और खोलार नाला के दिशा-सूचक (साइन बोर्ड) अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर लिए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि सार्वजनिक संपत्ति की चोरी के बाद भी संबंधित विभाग की ओर से न तो नए बोर्ड लगाए गए हैं और न ही चोरी की घटना को लेकर कोई प्रभावी कार्रवाई सामने आई है।
मार्ग कोयलांचल क्षेत्र का एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग है, जहां प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन, यात्री बसें, स्कूल वाहन, एम्बुलेंस और मालवाहक वाहन गुजरते हैं। ऐसे में दिशा-सूचक बोर्डों का गायब होना केवल सरकारी संपत्ति की चोरी का मामला नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय भी है। बरसात और रात के समय सोंग्गी नाला व खोलार नाला जैसे स्थानों पर दिशा-सूचक बोर्ड वाहन चालकों को पहले से सतर्क करते हैं। बोर्ड नहीं होने से बाहरी वाहन चालकों को रास्ता पहचानने में कठिनाई होती है और दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ जाती है। यदि समय रहते नए संकेतक नहीं लगाए गए तो भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना होने से इनकार नहीं किया जा सकता है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि सड़क निर्माण पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए, लेकिन उसकी सुरक्षा और रखरखाव को लेकर जिम्मेदार विभाग गंभीर नजर नहीं आ रहा है। सार्वजनिक संपत्ति की चोरी होने के बाद भी विभाग की चुप्पी लोगों में नाराजगी का कारण बन रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय-समय पर निरीक्षण और निगरानी की व्यवस्था होती तो ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता था। ग्रामीणों ने मांग की है कि सोंग्गी नाला और खोलार नाला पर तत्काल नए दिशा-सूचक बोर्ड लगाए जाएं, चोरी की घटना की पुलिस में शिकायत दर्ज कराकर दोषियों की पहचान की जाए तथा दीपका-कटघोरा मार्ग पर लगे अन्य संकेतक बोर्डों का भी निरीक्षण कर उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही भविष्य में सार्वजनिक संपत्तियों की चोरी रोकने के लिए नियमित निगरानी और आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाएं।
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