कोरबा। पण्डो जनजाति समाज कल्याण समिति ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल व मुख्यमंत्री के नाम से ज्ञापन सौपा है। जिसमें छत्तीसगढ़ विशेष पिछड़ी जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए 2026 के फार्म में सहायक शिक्षक भर्ती विज्ञापन में पूर्व की भांति आरक्षण विकल्प एवं डी.एल.एड, बी.एड, टी ई टी में छूट तथा पूर्व भर्ती सहायक शिक्षकों की समस्या के निराकरण की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान 2026 छत्तीसगढ़ राज्य में सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ है। छत्तीसगढ़ राज्य के विशेष पिछड़ी, जनजाति पहाड़ी कोरवा, बैगा, कमार, अबुझमाडिया, बिरहोर, मुंजिया तथा पण्डो समाज के प्रतिनिधि एवं अभ्यर्थी गण की ओर से निवेदन किया है कि वर्ग आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से अत्यंत गरीब एवं कमजोर वर्ग है। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा पूर्व में इस वर्ग के उत्थान हेतु विशेष प्रावधान किए गए थे। परंतु अगस्त 2026 वर्तमान सहायक शिक्षक भर्ती में वर्ग विशेष के अभ्यर्थियों के आरक्षण के प्रावधानों का उल्लेख नहीं है, जिससे वर्ग के अभ्यर्थी सहायक शिक्षक भर्ती से वंचित हो रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य के वर्तमान सहायक शिक्षक भर्ती के ऑनलाइन फार्म में विशेष पिछड़ी जनजाति का अलग से कोई विकल्प नहीं दिया गया है। छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व की सहायक शिक्षक भर्तियों में विशेष पिछड़ी जनजाति हेतु अलग विकल्प किया गया था। छत्तीसगढ़ शासन के पूर्व सहायक शिक्षक भर्ती में अनुसूचित जनजाति के कुल पदों में से 20 प्रतिशत पद विशेष पिछड़ी जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षित किए गए थे। वर्तमान सहायक शिक्षक भर्ती विज्ञप्ति 2026 में इस तरह का उल्लेख नहीं है। विशेष पिछड़ी जनजाति अभ्यर्थियों को टी ई हुए नियुक्ति से 5 वर्ष के उत्तीसगढ़ शासन के पूर्व सहायक शिक्षक भर्ती में टी, डी.एल.एड/बी.एड की शैक्षणिक योग्यता में छूट देते अंदर पूर्ण करने की सुविधा दी गई थी। वर्तमान में इस तरह का प्रावधान का उल्लेख नहीं है। छत्तीसगढ़ राज्य में 3 वर्ष पूर्व विशेष पिछड़ी जनजाति के लगभग 400-500 अभ्यर्थी सहायक शिक्षक के पद पर भर्ती किए गए हैं। उनका कक्षा 12वीं में 45 प्रतिशत से कम अंक होने के कारण वे डी.एल.एड/बी.एड हेतु पात्र नहीं हो पा रहे हैं, जिसके कारण वे डी.एल.एड नहीं कर पा रहे हैं और सेवा में स्थायीकरण में समस्या आ रही है। छत्तीसगढ़ राज्य के कुछ विशेष पिछड़ी जनजाति अभ्यर्थियों ने डी.एल.एड पूर्ण कर लिया है, परंतु कक्षा 12वीं में 45 फीसदी से कम अंक होने के कारण उन्हें आज भी अप्रशिक्षित श्रेणी में रखा गया है। जबकि उन्होंने डी.एल.एड कर पुर्ण लिया है। जिसे लेकर उन्होंने 5 सूत्रीय मांग रखी है।
ये है 5 सूत्रीय मांग
1. छत्तीसगढ़ राज्य में वर्तमान सहायक शिक्षक भर्ती 2026 के आवेदन फार्म में पूर्व सहायक शिक्षक भर्ती नियम की भांति विशेष पिछड़ी जनजाति अभ्यर्थियों के लिए अलग विकल्प पुनः जोड़ा जाए।
2. छत्तीसगढ़ राज्य के वर्तमान सहायक शिक्षक भर्ती 2026 में अनुसूचित जनजाति के कुल पर्दो में से 20 फीसदी पद विशेष पिछड़ी जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए पूर्व सहायक शिक्षक भर्ती की भांति आरक्षित किए जाएं।
3. छत्तीसगढ़ राज्य के वर्तमान सहायक शिक्षक भर्ती 2026 में विशेष पिछड़ी जनजाति अभ्यर्थियों को टी ई टी, डी.एल.एड/वी.एड की योग्यता में छूट देते हुए नियुक्ति के 5 वर्ष के अंदर पूर्ण करने के लिए पूर्व सहायक शिक्षक भर्ती की भांति सुविधा दी जाए।
4. छत्तीसगढ़ राज्य के पूर्व सहायक शिक्षक भर्ती में लगभग सहायक शिक्षकों को विभागीय डी.एल.एड की व्यवस्था की जाए।
5. छत्तीसगढ़ राज्य के ऐसे विशेष पिछड़ी जनजाति अभ्यर्थी जिन्होंने डी.एल.एड कर लिया है परंतु 12वीं में 45 फीसदी से कम अंक हैं, उन्हें प्रशिक्षित श्रेणी में मानते हुए डी.एल.एड की मान्यता प्रदान की जाए।
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