कोरबा। जेलों में निरूद्ध बंदियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में उप जेल कटघोरा में निरूद्ध बंदियों के लिए दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में तहत बंदियों को मशरूम उत्पादन से संबंधित तमाम जानकारियां उपलब्ध कराई गई, ताकि वे खुद का रोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकें।
जिले में आए दिन छोटी बड़ी घटनाएं घटित होती है। जिसकी शिकायत मिलने के बाद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्रवाई पूरी करती है। पुलिस आरोपी को कोर्ट मे पेश कर उपजेल और जिला जेल में दाखिल करा देती है। वर्तमान में दोनों ही जेल में लगभग चार सौ बंदी निरूद्ध हैं, जिनमें अधिकांश बंदी विचाराधीन हैं। ऐसे बंदियों का परिजनों के साथ साथ समाज से भी दूरी बढ़ जाती है। वे खुद को असहाय महसूस करते हैं। बंदियों के मन में जेल से बाहर आने के बाद समाज की मुख्य धारा से कट जाने की आशंका बनी रहती है, लेकिन ऐसा नही है। जेल प्रबंधन द्वारा बंदियों को समाज की मुख्य धारा से जोड़ने तरह तरह के प्रयास किए जाते हैं। जहां जेलों में बंदियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया जाता है। उन्हें सामाजिक गतिविधियों से अवगत कराया जाता है। वहीं बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने रोजगार मुखी योजना से जोड़ा जाता है। इसी कड़ी में उपजेल कटघोरा में एसबीआई आरसेटी के सहयोग से कौशल योजना के तहत दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जेल उपाधिक्षक सीमा उरांव की देखरेख में बंदियों ने प्रशिक्षण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। मुख्य प्रशिक्षक परमेश्वरी सिंह द्वारा बंदियों को मशरूम उत्पादन के गुर सिखाए गए। उन्हें मशरूम उत्पादन की तकनीक, रख रखाव, विपणन तथा आचार बनाने की विधि की जानकारी दी गई। बंदियों के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम को पुनर्वास व आजीविका संवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
बंदियों ने लिया नशा छोड़ने का संकल्प
उपजेल कटघोरा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डिम्पल भेड़िया के निर्देश पर अंतर्राष्ट्रीय नशा दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बंदियों को नशा के कारण स्वास्थ्य, परिवार व समाज पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव की जानकारी दी गई। बंदियों को नशा से दूर रहने और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की गई। उन्हें समाज की मुख्य धारा से जुड़कर जिम्मेदार नागरिक बनने प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में अपर सत्र न्यायाधीश कटघोरा एचके रात्रे, पीएलवी तलवीर सिंह व जेल उपाधिक्षक सीमा उरांव सहित अन्य उपस्थित थे।
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