कोरबा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने डेढ़ साल बाद कटघोरा से अंबिकापुर को टू-लेन से फोरलेन बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए 18 गांवों की जमीन ली जाएगी। जिला प्रशासन ने जमीन की खरीदी पर रोक लगा दिया है। एलाइनमेंट की मंजूरी के बाद एक महीने के भीतर सर्वे का काम पूरा हो जाएगा। नेशनल हाईवे क्रमांक 130 को फोरलेन बनाने के लिए नवंबर 2024 में मंजूरी मिल चुकी है। इसके बाद डीपीआर बनाने की प्रक्रिया चल रही थी। साथ ही एलाइनमेंट की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। जिसमें करीब डेढ़ साल का समय लग गया। हाईवे की लंबाई अभी 132 किलोमीटर है। जिसे दो चरणों में टू-लेन बनाया गया था। इस दौरान पहले चरण में कटघोरा से शिवनगर तक 80 किलोमीटर सड़क का निर्माण 527.25 करोड़ की लागत से कराया गया था। दूसरे चरण में शिव नगर से अंबिकापुर तक 52 किलोमीटर की सड़क 335.32 करोड़ रुपए में तैयार हुई थी। अब फोरलेन बनने से जिले के 18 गांवों की जमीन अधिग्रहित की जाएगी। इसके लिए जमीन का चिन्हकन होना है। इसके साथ ही मार्ग पर पड़ने वाले डेंजर जोन अंधे मोड़ को भी सीधा किया जाना है। इसके लिए वन भूमि की भी जरूरत पड़ेगी। मार्ग पर 6 डेंजर जोन हैं। जिसमें मदनपुर मोड, केदई हसदेव पुल, मोरगा बस स्टैंड, मड़ई घाट, गुरसिया चौक और लमना घाट शामिल है। इसके साथ ही ब्लॉक मुख्यालय पोड़ी उपरोड़ा, गुरसिया और मोरगा पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ रहा है। आगे बता दिजीए यहां बायपास बनाने पर भी विचार चल रहा है। फोरलेन बनने से सड़क की चौड़ाई 60 मीटर हो जाएगी। इसके लिए आमाखोखरा, रामपुर, तानाखार, बरपाली, पोड़ी-उपरोड़ा, कोनकोना, गुरसिया, बंजारी, मड़ई, लमना, चोटिया, परला, कपानवापारा, केंदई, केतमा, मोरगा, मदनपुर और पुटा की जमीन ली जाएगी।
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