कोरबा। देवों के देव महादेव की आराधना का सबसे पवित्र महीना सावन (श्रावण मास) इस बार शिवभक्तों के लिए कई मायनों में बेहद खास और दुर्लभ महासंयोग लेकर आया है। इस साल सावन का महीना 30 जुलाई (गुरुवार) से शुरू हुआ, जो 28 अगस्त (शुक्रवार) यानी रक्षाबंधन के दिन तक रहेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस साल सावन पूरे 30 दिन का होगा, जिसमें भक्तों को व्रत और पूजा-अर्चना के लिए 4 सोमवार मिलेंगे। इस पूरे माह शिव योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का विशेष प्रभाव रहेगा। इस दौरान अलग-अलग मंदिरों में पूरे 30 दिनों तक रुद्राभिषेक सहित कई अनुष्ठान कराए जाएंगे। सावन के पहले दिन मंदिरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। इस बार सावन के तीसरे सोमवार (17 अगस्त) को नागपंचमी का पर्व भी मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, 4 सोमवार वाले सावन मास में नागपंचमी का सोमवार के दिन आना दुर्लभ ज्योतिषीय संयोग है। पिछले 33 वर्षों के पंचांग को देखें तो सामान्य 4 सोमवार वाले सावन में ऐसा महासंयोग पांचवीं बार बन रहा है। इससे पहले वर्ष 1996, 1999, 2012 और 2019 में ऐसा संयोग बन चुका है। साल 2023 में भी नागपंचमी सोमवार को आई थी। अधिकमास (मलमास) के कारण 2023 में सावन का महीना पूरे 59 दिनों का था और उसमें 8 सोमवार पड़े थे। तब नागपंचमी सातवें सोमवार को आई थी।
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