कोरबा। हाथियों के विचरण की सूचना देने पहुंचे वन कर्मियों को ग्रामीण के आक्रोश का शिकार होना पड़ा। ग्रामीण ने वन कर्मियों का रास्ता रोक लिया। उसने वन रक्षक से वन अधिकार पत्र में हस्ताक्षर नही करने का आरोप लगाते हुए गाली गलौच शुरू कर दी। वह वनकर्मी को गाड़ी से उतरने पर जान से मार देने की धमकी दी। किसी तरह मामला शांत होने के बाद वनकर्मी गांव से लौटे। मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। घटना कोरबा वनमंडल के पसरखेत वन परिक्षेत्र का है। बताया जा रहा है कि बीते कुछ दिनों से हाथियों का झुंड कोलगा परिसर के जंगल में विचरण कर रहा था। किसी तरह की अनहोनी न हो, इसके लिए मदनपुर व कोलगा परिसर में पदस्थ वन रक्षक हरिनारायण बंजारे सहकर्मी सरोता राम बंजारे, अशोक यादव, सुरक्षा श्रमिक खगेश्वर राठिया के साथ क्षेत्र में हाथियों के विचरण संबंधी सूचना तराईमारडीह पहुंचे। वे ग्रामीणों को समझाईश दे रहे थे। इसी बीच गांव में रहने वाला पतिराम राठिया ने उनका रास्ता रोक लिया। वह वनकर्मी हरिनारायण बंजारे पर वन अधिकार पत्र में हस्ताक्षर नही करने का आरोप लगाते हुए विवाद करने लगा। वन कर्मियों ने समझाईश दी तो वह शांत होने के बजाय आक्रोशित हो गया। उसने वनकर्मी के साथ गाली गलौच शुरू कर दी। हद तो तब हो गई, जब वनकर्मी को गाड़ी से नीचे उतरने और जान से मारने की धमकी देने लगा। किसी तरह मामला शांत होने के बाद वनकर्मी तराईमारडीह से लौट आए। घटना की सूचना पीड़ित ने करतला थाना पहुंचकर दी। उसने आरोपी की करतूत को मोबाइल में कैद कर लिया, जिसे साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध कर लिया है।
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