कोरबा। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ के द्वारा अखिल भारतीय मजदूर संघ के मंत्री व विद्युत प्रभारी राधेश्याम जायसवाल के मार्गदर्शन में और छत्तीसगढ़ बिजली कर्मचारी संघ महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष संजय तिवारी एवं प्रदेश महामंत्री नवरतन बरेठ के नेतृत्व में प्रदर्शन किया गया। विद्युत कंपनी प्रबंधन के बार – बार के वादाखिलाफी से आक्रोशित होकर महासंघ की बहुप्रतीक्षित मांग विद्युत कंपनी में 2004 के बाद नियुक्त अधिकारियों – कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाली, संविदा नियमितीकरण, नई भर्ती, वेज रिवीजन लागू होने तक 20 प्रतिशत अंतरिम राहत, रिस्ट्रक्चरिंग और ठेकाकर्मियों के वेतन भुगतान के संबंध में डंगनिया रायपुर में विशाल आमसभा एवं धरना प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज करते हुए चेयरमैन के नाम से ज्ञापन दिया गया। पदाधिकारियों ने बताया कि विगत वर्ष महासंघ के आंदोलन के कारण विद्युत कंपनी प्रबंधन के द्वारा 17अक्टूबर 2025 को लिखित में आश्वासन देते हुए राज्य सरकार से अनुमोदन लेकर अतिशीघ्र पुरानी पेंशन बहाली का आदेश जारी करने आश्वस्त किया गया था, लेकिन 8 माह बीत जाने के बाद भी कोई सार्थक परिणाम नहीं मिलने पर महासंघ पुन: आंदोलन करने विवश हुआ। पदाधिकारियों ने बताया कि महासंघ के द्वारा प्रथम चरण में 1 से 30 जून तक हस्ताक्षर आभियान के तहत हस्ताक्षर पत्रक में अधिकारियों कर्मचारियों के हस्ताक्षर कराकर समर्थन लिया गया। द्वितीय चरण में 10 जुलाई को डंगनिया रायपुर में विद्युत कंपनी मुख्यालय के सामने एकदिवसीय विशाल आमसभा एवं धरना प्रदर्शन करते हुए विद्युत कंपनी के चेयरमैन के नाम ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज किया गया और विद्युत कंपनी प्रबंधन को चेतावनी देते हुए आगाह किया कि यदि कर्मचारी हितैषी इन सात सूत्रीय मांगों पर 15 अगस्त तक आदेश जारी नहीं करती है तो महासंघ 17 अगस्त से अनिश्चितकालीन कामबंद आंदोलन करेगा। विशाल आमसभा एवं धरना प्रदर्शन में अनेक संगठनों का भी समर्थन प्राप्त हुआ, जिसमें महासंघ के प्रस्तावित 17 अगस्त से अनिश्चितकालीन कामबंद आंदोलन हेतु पूर्ण समर्थन देने आश्वस्त किया गया।
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