कोरबा। उर्जानगरी कोरबा में गणेशोत्सव की धूम चरम पर है। गणेश चतुर्थी के साथ शुरू हुआ दस दिवसीय उत्सव दूसरे दिन भी पूरे उल्लास और आस्था के साथ जारी रहा। शहर से लेकर गांव तक सजे गणेश पंडालों में सुबह से ही पूजा-अर्चना का दौर शुरू हो रहा है, जबकि शाम होते ही दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ रही है। गणपति बप्पा के जयकारों से शहर के गली-मोहल्ले और पंडाल गूंजायमान हो रहे हैं।

गणेशोत्सव को लेकर इस बार भी शहर के विभिन्न हिस्सों में आकर्षक सजावट के साथ भव्य पंडाल तैयार किए गए हैं। घरों, गली-मोहल्लों और प्रमुख मंदिरों में विधि-विधान से भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। शाम के समय पंडालों में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ रही है। कई समितियों ने गणेश महोत्सव के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी रूपरेखा तैयार की है। उर्जानगरी में गणेशोत्सव और दुर्गोत्सव की अपनी अलग पहचान है। गणेशोत्सव की विशेष रौनक पावर हाउस रोड, सीतामणी और टीपी नगर क्षेत्र में नजर आती है। वहीं दुर्गोत्सव के दौरान एमपी नगर, आरपी नगर, आरएसएस नगर, शिवाजी नगर, एसईसीएल मुड़ापार, एसबीएस कॉलोनी और मानिकपुर क्षेत्र में विशेष उत्साह देखने को मिलता है। गणेशोत्सव के दौरान सीतामणी और पावर हाउस रोड में स्थापित भव्य प्रतिमाएं लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। सीतामणी चौक में स्थापित गणपति की विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींच रही है। सीतामणी में भाजपा प्रदेश मंत्री विकास महतो के निवास के सामने स्थापित विशाल गणपति प्रतिमा भी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। गांजा गली में विराजित लंबोदर स्वामी की मनोहारी प्रतिमा भी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित कर रही है। पुराना बस स्टैंड ओवरब्रिज के नीचे अग्रसेन चौक में स्थापित ‘अग्रसेन चौक के राजा’ की प्रतिमा भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
रजत जयंती वर्ष में भव्य आयोजन
पावर हाउस रोड स्थित विनायक गणेशोत्सव समिति इस वर्ष अपना रजत जयंती वर्ष यानी 25वां गणेशोत्सव मना रही है। समिति द्वारा स्थापित विशाल और आकर्षक गणपति प्रतिमा लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। वहीं घंटाघर चौक में भी गणेशोत्सव की रौनक देखते ही बन रही है। यहां स्थापित श्वेत वर्ण की नयनाभिराम गणेश प्रतिमा अपनी बारीक कारीगरी के कारण श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रही है।
घरों में भी विराजे गणपति
सार्वजनिक पंडालों के साथ बड़ी संख्या में लोगों ने अपने घरों में भी गणपति बप्पा की प्रतिमा स्थापित की है। परिवारों में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की जा रही है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक गणेशोत्सव को लेकर उत्साह नजर आ रहा है।
कहीं पांच, कहीं सात तो कहीं 11 दिन विराजेंगे बप्पा
शहर में अलग-अलग स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं की स्थापना के साथ उत्सव की अवधि भी अलग-अलग रखी गई है। कहीं गणपति बप्पा पांच दिन तो कहीं सात दिन तक विराजेंगे। सीतामणी, पावर हाउस रोड सहित कई स्थानों पर 11 दिवसीय गणेश महोत्सव आयोजित किया जा रहा है। उत्सव की अवधि पूरी होने के बाद समितियों और श्रद्धालुओं द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर गणपति प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा।
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