कोरबा। पड़ोसी जिला मरवाही से जिले के पसान रेंज पहुंचे एक हाथी ने बीती रात भारी उत्पात मचाया। रेंज के ग्राम तराईनार और पिपरहा में हाथी ने लगभग 5 कच्चे-पक्के मकानों को तोड़ दिया। हाथी के उत्पात के बीच ग्रामीणों ने भागकर अपनी जान बचाई। इस दौरान दो ग्रामीण बाल बाल बच गए। पूरी रात गांव में हाथी का आतंक रहा। लोगों को रतजगा कर रात बितानी पड़ी।
कटघोरा वनमंडल के वन परिक्षेत्र पसान अंतर्गत ग्राम तराईनार व पिपरहा में बीती रात दल से बिछडकर जीपीएम जिले से अचानक धमके लोनर हाथी ने भारी उत्पात मचाया। इस दौरान कई मकानों को नुकसान पहुंचाया। लोनर के उत्पात से ग्रामीण दहशत में रहे। ग्रामीणों ने बताया कि हाथी ने गांव में उत्पात मचाते हुए कच्चे मकानों की दीवारें और छप्पर क्षतिग्रस्त कर दिया, जबकि एक पक्के मकान की दीवार को भी हाथी ने जोरदार धक्का मारकर नुकसान पहुंचाया। घरों के आसपास रखे घरेलू सामान को भी क्षति पहुंचाई। घटना से प्रभावित परिवारों में भय का माहौल बना रहा। ग्रामीणों ने बताया कि देर रात अचानक हाथी के चिंघाड़ और मकानों को तोड़े की आवाज सुनाई दी, जिससे पूरा गांव दहशत में आ गया। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग पूरी रात भय के साए में रहे। कई परिवारों ने रात खुले स्थानों अथवा अन्य सुरक्षित घरों में बिताई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। अधिकारियों और कर्मचारियों ने हाथी की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखते हुए उसे आबादी क्षेत्र से बाहर जंगल की ओर खदेड़े का प्रयास किया। अंधेरे के बीच घंटों मशक्कत के बाद हाथी को जंगल की ओर खदेड़ा जा सका। हाथी के उत्पात से ग्रामीणों को आर्थिक क्षति उठानी पड़ी है। बरसात के मौसम में आशियानों को क्षतिग्रस्त कर दिए जाने से ग्रामीणों के सामने मुश्किलें निर्मित हो गई है। बताया जा रहा है कि गांव के आसपास जंगल में हाथी का विचरण बना हुआ है। हाथी पुन: गांव में प्रवेश कर सकता है, जिसे लेकर वन अमला अलर्ट मोड पर है। हाथी की निगरानी की जा रही है। वन विभाग की सक्रियता के कारण हाथी को समय रहते गांव से बाहर निकाल दिया गया, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। वन विभाग के अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर नुकसान का प्रारंभिक आंकलन शुरू कर दिया है। जिन परिवारों के मकानों को क्षति पहुंची है, उन्हें शासन के नियमानुसार मुआवजा व सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए रात के समय अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें तथा जंगल की ओर जाने से बचें। किसी भी स्थान पर हाथी दिखाई देने की स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना देने की सलाह दी गई है। साथ ही ग्रामीणों से हाथियों को न छेड़ने, उनके पास न जाने अथवा पटाखे फोड़ने जैसी गतिविधियों से बचने का आग्रह किया है। हाथी ने तराईनार और पिपरहा में उत्पात मचाया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने हाथी को खदेड़ने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों के साथ मिलकर टॉर्च व वाहन की रोशनी के बीच दो घंटे तक हाथी को गांव से बाहर खदेड़ने रेस्क्यू किया गया। वन कर्मियों की सूझबूझ से बड़ी जनहानि टल गई। फिलहाल वन विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हाथी का लोकेशन ट्रेस किया जा रहा है।
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