कोरबा। सीएसईबी चौकी के सामने हुए हादसे के बाद पुलिस कप्तान सिद्धार्थ तिवारी ने ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले प्रधान आरक्षक शंखधर जायसवाल व आरक्षक टंकेश्वर पटेल को निलंबित कर दिया है। दरअसल प्रधान आरक्षक की ड्यूटी सीएसईबी चौक में सुबह नौ से दोपहर 12 बजे तक लगाई गई थी। इसी तरह आरक्षक को भी सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक चौक में तैनात किया गया था। दुर्घटनाकारित ट्रक का चालक नो एंट्री के समय सिग्नल खुलने का इंतजार करते खड़ा था। उसे नो एंट्री से बाहर निकालते हुए वैधानिक कार्रवाई की जानी थी, लेकिन प्रधान आरक्षक व आरक्षक ने अनदेखी कर दी। शुक्रवार की सुबह घर से बुधवारी स्थित विभागीय अस्पताल जाने के नाम पर निकले थे। रिटायर्ड कर्मी करीब 11.30 बजे सीएसईबी चौक को पार कर रहे थे। इसी दौरान नो एंट्री में घुसे ट्रक क्रमांक सीजी 04 एमएस 2996 के चालक ने एक्टिवा सवार रिटायर्ड कर्मी को चपेट में ले लिया। ट्रक की ठोकर लगते ही रिटायर्ड कर्मी एक्टिवा सहित सड़क पर जा गिरे। जिससे ट्रक के पिछले पहिया की चपेट में आने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। लोग कुछ कर पाते, इससे पहले चालक वाहन छोड़ मौके से भाग निकला। घटना घटित होते ही चौक में लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। मौके पर तनाव की स्थिति निर्मित होती या फिर लोग प्रदर्शन करते, इससे पहले पुलिस ने मृतक के शव को मेडिकल कॉलेज अस्पताल शिफ्ट कर दिया। बावजूद इसके लोगों का गुस्सा शांत नही हुआ। उन्होंने यातायात व्यवस्था को लेकर भड़ास निकालनी शुरू कर दी। लोगों का कहना था कि वाहन चालक बेलगाम हो चुके हैं। चौक में जवानों की तैनाती तो की जाती है, लेकिन उन्हे कोई परवाह नही होता। वे अपने में ही मस्त रहते हैं। वर्तमान में रेत की रायल्टी बंद है, इसके बावजूद 24 घंटे रेत लोड ट्रैक्टर दौड़ रहे हैं। यह स्थिति सिर्फ सीएसईबी चौक की नही है, शहर के अन्य मार्गो में भी बनी हुई है। भारी वाहन के चालक मनचाहे वाहन का परिचालन कर रहे हैं। यदि इसी तरह चलता रहा, तो हादसे पर अंकुश लगा पाना मुश्किल है। जानकारी मिली है कि दुर्घटनाकारित ट्रक मुडापार निवासी किसी मिश्रा की है, जो खुद ही वाहन चला रहा था। बहरहाल मृतक के शव को मर्च्युरी में रखा गया है। बताया जा रहा है उनका इकलौता पुत्र चेन्नई मे कार्यरत हैं। उनके कोरबा पहुंचने के बाद आगे की कार्रवाई पूरी की जाएगी।
नो एंट्री खुलने से पहले लग जाती है कतार
पुलिस व प्रशासन ने बढ़ते सड़क हादसे की रोकथाम के लिए शहर में भारी वाहनों की आवाजाही का समय निर्धारित किया है। नियमानुसार सुबह 7 से रात 11 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया गया है। इस दौरान भारी वाहनों की आवाजाही के लिए राताखार, गेरवाघाट, दर्री, रूमगरा से बालको बाईपास मार्ग निर्धारित हैं। बावजूद इसके नो एंटी खुलने से पहले ही टीपी नगर के अलावा मुड़ापार बाईपास मार्ग में टीपी नगर चौक तक वाहनों की कतार लग जाती है। जिससे अनहोनी की आशंका बनी रहती है। खासकर नो एंट्री खुलने के बाद वाहनों के प्रवेश से व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है।
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