कोरबा। 12वीं के परीक्षा परिणाम के बाद जिले में उच्च शिक्षा संस्थानों में प्रवेश प्रक्रिया तेज हो गई है। ऐसे समय में सोशल मीडिया पर विभिन्न कॉलेजों और एजुकेशन कंसल्टेंसी के आकर्षक विज्ञापन भी बड़ी संख्या में सामने आ रहे हैं। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि केवल विज्ञापन या बड़े-बड़े दावों के आधार पर किसी कॉलेज में प्रवेश लेना विद्यार्थियों के भविष्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है। देशभर में नियामकीय मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले कई तकनीकी संस्थानों पर कार्रवाई भी हुई है, जिससे छात्रों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। जिले के विद्यार्थी बड़ी संख्या में रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, अंबिकापुर सहित अन्य शहरों के निजी व शासकीय महाविद्यालयों में प्रवेश लेते हैं। ऐसे में विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी कॉलेज में एडमिशन लेने से पहले उसकी मान्यता, संबद्ध विश्वविद्यालय, प्लेसमेंट रिकॉर्ड, फैकल्टी, फीस संरचना और पूर्व छात्रों की प्रतिक्रिया की अच्छी तरह जांच कर लें। करियर विशेषज्ञों का कहना है कि 10वीं और 12वीं के बाद लिया गया निर्णय विद्यार्थियों के भविष्य की दिशा तय करता है। केवल दोस्तों या रिश्तेदारों की सलाह अथवा भीड़ का अनुसरण करने के बजाय अपनी रुचि, क्षमता और रोजगार की संभावनाओं को ध्यान में रखकर विषय व संस्थान का चयन करना चाहिए। आज इंजीनियरिंग, मेडिकल, कॉमर्स, कृषि, पैरामेडिकल, आईटी, मीडिया, डिजाइन, होटल मैनेजमेंट और स्किल आधारित क्षेत्रों में भी बेहतर अवसर उपलब्ध हैं।
इन बातों की जांच जरूरी
0 कॉलेज की मान्यता व संबद्धता।
0 आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी।
0 पिछले वर्षों का परीक्षा परिणाम और प्लेसमेंट।
0 फीस और अन्य शुल्क की पूरी जानकारी।
0 हॉस्टल, लैब, लाइब्रेरी व अन्य सुविधाएं।
0 पूर्व छात्रों और अभिभावकों से फीडबैक।
एजेंट या बिचौलिए को भुगतान करने से बचें
विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर चलने वाले आकर्षक विज्ञापनों, फर्जी सीट गारंटी, भारी छूट या 100 प्रतिशत प्लेसमेंट जैसे दावों पर आंख बंद कर भरोसा नहीं करना चाहिए। प्रवेश प्रक्रिया केवल अधिकृत संस्थानों और आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से ही पूरी करें तथा किसी भी अनधिकृत एजेंट या बिचौलिए को भुगतान करने से बचें। शिक्षकों का मानना है कि अभिभावक बच्चों पर अपनी पसंद थोपने के बजाय उनकी रुचि और योग्यता को समझें। प्रवेश से पहले कॉलेज का भ्रमण करें, शिक्षकों से चर्चा करें और सभी आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि करने के बाद ही अंतिम निर्णय लें।
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