कोरबा। कुसमुंडा क्षेत्र से लापता युवती की लाश 19 दिन बाद पैतृक गांव के समीप खेत में मिली। पुलिस की जांच शुरू होते ही मामले में चौंकाने वाले रहस्य सामने आने लगे हैं। दरअसल मृतिका प्रेमी के साथ मंदिर जाने निकली थी। उसके दो दिन बाद घर नही लौटने पर परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज करा दी, जिसकी भनक लगते ही प्रेमी सरपंच के घर जा पहुंचा। उसने प्रेमिका को गांव के बाहर छोड़ने का दावा करते हुए शादी के लिए तैयार होने की बात कही थी। मामले में पुलिस प्रेमी से पूछताछ कर रही है।
बालको थानांतर्गत ग्राम पंचायत सोनपुरी के आश्रित ग्राम सरईपाली में हरि राम बीते कुछ सालों से कुसमुंडा थाना क्षेत्र के ग्राम भैरोताल में निवास करता है। उसकी पुत्री सपना 7 जून को घर से निकली, इसके बाद नही लौटी। परिजनों ने दो दिन बाद मामले की सूचना थाना पहुंचकर दी। पुलिस गुमशुदगी दर्ज कर युवती की खोजबीन कर रही थी। इसी बीच रविवार को सरईपाली के नवाडीह अशोकाडीह मोहल्ला स्थित जंगल के भीतर एक खेत में युवती की लाश मिली। बालको पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतिका की शिनाख्ती कार्रवाई शुरू की। इस दौरान गांव में रहने वाली नीला बाई ने मृतिका की पहचान भैरोताल से लापता अपनी भतीजी सपना के रूप में की। उसने पुलिस को जानकारी दी कि सपना 11 जून को घर आई थी। वह अपने घर के दरवाजे में लगे ताला तोड़ रही थी। वह ताला तोड़ने से मना करने पर कहीं चली गई थी। मामले में सरपंच पति रायसिंह से भी जानकारी ली गई, तो पता चला कि अजगरबहार के नेवार डीह में रहने वाला शाहिद नामक युवक अपने माता पिता के साथ उसके घर पहुंचा था। उसने सरपंच पति से तीन दिन पहले सपना को गांव के बाहर छोड़ने की जानकारी दी। इसके साथ ही उसके मिलने पर शादी के लिए तैयार होने की बात कही थी। सरपंच पति ने मृतिका के माता पिता से संपर्क कर पूरी जानकारी दी थी। यह बात सामने आते ही पुलिस ने युवक से भी पूछताछ शुरू कर दी है। आशंका जताई जा रही है कि मृतिका की मौत में प्रेमी का हाथ हो सकता है। हालांकि इस बात की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही होगी।
आक्रोशित ग्रामीण पहुंचे एसपी कार्यालय
भैरोताल से लापता युवकी की लाश 19 दिन बाद उसके पैतृक गांव के समीप मिली। घटना ने परिजनों के साथ साथ ग्रामीणों को भी आक्रोशित कर दिया। वे भारी संख्या में बालको थाना के बाद एसपी कार्यालय पहुंचे, जहां कुसमुंडा पुलिस पर गुमशुदा युवती की खोजबीन में लापरवाही का आरोप लगाते हुए आरोपी को सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। मामले को लेकर परिजनों ने पुलिस कप्तान से भी मुलाकात की। पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर पोष्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी हो सकी।
![]()
































