कोरबा। पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। मामले में एक युवती पुलिस के हत्थे चढ़ी है। वह जरूरतमंदों को कम ब्याज दर में लोन दिलाने के नाम पर बैंक खातों में प्रोसेसिंग फीस सहित अन्य शुल्क जमा करा लेती थी। इसके बाद न तो लोन दिलाती और न ही रकम लौटाती थी। मामले में आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। सीएसईबी पुलिस चौकी अंतर्गत टीपी नगर में अभिवृद्धि फाइनेंशियल सर्विसेस संचालित है। इस फाईनेंस कंपनी के माध्यम से ठगी को अंजाम दिया जा रहा था। जिसकी शिकायत मिलने पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि ठगी करने वाले गिरोह द्वारा जरूरतमंदों को झांसे में लिया जाता है। उन्हें अभिवृद्धि फाईनेंशिय के माध्यम से कम ब्याज मे लोन दिलाने का आश्वासन दिया जाता है। इसके एवज में प्रोसेसिंग फीस सहित अन्य शुल्क के रूप में बैंक खातों में रकम जमा कराई जाती है। यह रकम जमा होने के बाद न तो लोन दिलाया जाता और न ही राशि लौटाई जाती है। गिरोह के इस करतूत से कई लोगों ने मेहनत की गाढ़ी कमाई को गंवां दिया है। पुलिस ने विवेचना के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों के अलावा कई अन्य दस्तावेजो का बारिकी से निरीक्षण किया, जिससे ठग गिरोह के संबंध मे महत्वपूर्ण सुराग हाथ लग गए। जिसके आधार पर पुलिस ने प्रताप नगर नया पुल के पास दर्री निवासी प्रियंका कलसे 22 वर्ष को गिरफ्तार कर लिया। मामले में आरोपिया को वैधानिक कार्रवाई उपरांत न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश कर रही है।
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