कोरबा। बारिश के साथ ही बिजली की डिमांड में अब कमी आने लगी है। गर्मी की अपेक्षा मानसून में डिमांड लगभग 15 सौ मेगावाट तक कम हो चुकी है। डिमांड कम होने से सेंट्रल सेक्टर से बिजली कम लेनी पड़ रही है। वहीं राज्य उत्पादन कंपनी के संयंत्रों से भी बेहतर उत्पादन हो रहा है। गर्मी के दिनों में जहां बिजली की डिमांड 59 सौ मेगावाट तक पहुंच चुकी थी। मानसून के सक्रिय होने के साथ ही पिक लोड अवर में डिमांड 4 हजार से 45 सौ मेगावाट के बीच दर्ज हो रही है। वर्तमान में तापमान का पारा नीचे गिरने से खपत कम हो गई है। दूसरी ओर बारिश होने के कारण किसान सिंचाई के लिए बिजली का कम उपयोग कर रहे हैं। जिसकी वजह से डिमांड में कमी दर्ज की जा रही है। डिमांड में कमी आने से गुरूवार को सेंट्रल सेक्टर से लगभग 21 सौ मेगावाट बिजली ड्रॉल की जा रही थी। राज्य उत्पादन कंपनी के संयंत्रों से लगभग 2250 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। बिजली संयंत्रों की बात की जाए तो एचटीपीपी की एक इकाई बंद है। बाकी अन्य संयंत्रों की सभी इकाई उत्पादन में है। बांगो हाइडल प्लांट की दो इकाईयों से भी अतिरिक्त बिजली उत्पादन किया जा रहा है। पहली तिमाही में दर्री स्थित एचटीपीपी संयंत्र लक्ष्य अनुरूप उत्पादन करने में नाकाम रहा है। अगली तिमाही में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है, लेकिन संयंत्र की 210 मेगावाट की इकाई क्रमांक 2 लंबे समय से बंद है। गुरूवार को रात 9 बजे 1340 मेगावाट क्षमता के मुुकाबले संयंत्र से 855 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था। डीएसपीएम से 5 सौ के मुकाबले 405 मेगावाट व मड़वा संयंत्र से एक हजार क्षमता के मुकाबले 890 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा था।
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