कोरबा। रेलवे स्टेशन की सेकेंड एंट्री तक पहुंचने में यात्रियों को हो रही परेशानी से अब राहत मिलने की उम्मीद है। मानिकपुर कोल साइडिंग के कारण संकरी और बदहाल हुई पहुंच सडक़ को व्यवस्थित करने की दिशा में रेलवे और एसईसीएल के बीच कवायद तेज हो गई है। शनिवार को एसईसीएल कोरबा व मानिकपुर प्रबंधन के साथ डीआरएम बिलासपुर की बैठक में कोल साइडिंग की शिफ्टिंग को लेकर सहमति के संकेत मिले हैं। मानिकपुर में निर्माणाधीन साइलो का काम पूरा होने के बाद साइडिंग को वहां स्थानांतरित किए जाने की संभावना है।
सेकेंड एंट्री से प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आवाजाही करते हैं, लेकिन वर्तमान में दोनों ओर संचालित कोल साइडिंग और भारी वाहनों की आवाजाही के कारण रास्ता परेशानी का सबब बना हुआ है। बारिश के दौरान पानी जमा होने के साथ बायपास सडक़ पर कीचड़ की स्थिति बन जाती है। इसका असर यात्रियों के साथ आसपास के रहवासियों और रेलवे कर्मचारियों पर भी पड़ रहा है। कई लोगों को स्टेशन पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता है। मानिकपुर साइडिंग हटने के बाद सेकेंड एंट्री क्षेत्र में यातायात व्यवस्था बेहतर होने और सडक़ के विस्तार की संभावनाएं बढ़ेंगी। इससे शहर की करीब 40 फीसदी आबादी को रेलवे स्टेशन पहुंचने में सुविधा मिलने की उम्मीद है। यानी स्टेशन का सेकेंड प्रवेश द्वार केवल वैकल्पिक रास्ता नहीं, बल्कि शहर के बड़े हिस्से के लिए सुगम प्रवेश मार्ग बन सकता है।अब साइडिंग हटने की स्थिति में पहले से तैयार सेकेंड एंट्री की सुविधाओं का यात्रियों को और बेहतर लाभ मिल सकेगा।
प्लेटफार्म विस्तार की भी तैयारी
रेल प्रशासन ने सेकेंड एंट्री की अंतिम लाइन पर प्लेटफार्म बनाने की योजना भी तैयार की है। इससे भविष्य में इस हिस्से से यात्रियों की आवाजाही और बढ़ सकती है। सेकेंड एंट्री तक पहुंच के लिए एफओबी का नौ अतिरिक्त लाइनों के ऊपर विस्तार वर्ष 2016 से पहले किया जा चुका है। इसके बाद अनारक्षित टिकट कार्यालय के लिए भवन, पेयजल कनेक्शन और नल व्यवस्था तथा टॉयलेट जैसी सुविधाएं भी विकसित की गईं। इन सुविधाओं पर रेलवे ने बड़ी राशि खर्च की है।
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